:
Breaking News

बिहार के गरीब परिवारों को मिलेगी सोलर राहत: 58 लाख घरों की छत पर लगेंगे मुफ्त सोलर प्लांट, बिजली बिल से मिलेगी मुक्ति

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना। बिहार सरकार ने गरीब परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला फैसला लिया है। राज्य के लगभग 58 लाख आर्थिक रूप से कमजोर कुटीर ज्योति (बीपीएल) उपभोक्ताओं के घरों की छत पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे, वह भी 100 प्रतिशत सरकारी सब्सिडी पर। इसका सीधा लाभ यह होगा कि इन परिवारों को बिजली बिल के बोझ से स्थायी राहत मिलेगी और उन्हें स्वच्छ व सस्ती ऊर्जा उपलब्ध होगी। यह घोषणा बिहार बजट 2026-27 के दौरान की गई है, जिसे ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, बीपीएल श्रेणी के प्रत्येक चयनित परिवार के घर की छत पर 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। योजना का उद्देश्य सिर्फ मुफ्त बिजली देना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना भी है। पहले चरण में 10 लाख उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से शेष परिवारों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।
यह योजना केंद्र सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से भी जुड़ी हुई है, जिसके तहत आवासीय भवनों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने के लिए अनुदान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत एक किलोवाट क्षमता के लिए 30 हजार रुपये, दो किलोवाट के लिए 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के लिए 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। बिहार सरकार बीपीएल परिवारों के लिए इस पूरी लागत को खुद वहन कर रही है, जिससे लाभार्थियों को किसी प्रकार का आर्थिक भार नहीं उठाना पड़ेगा।
राज्य में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। वर्तमान समय में बिहार में औसतन 23 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है, जो पहले की तुलना में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। वर्ष 2025-26 में राज्य की अधिकतम बिजली मांग 23 जुलाई 2025 को 8,752 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जबकि 2026-27 में यह मांग 9,600 मेगावाट से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देकर सरकार पारंपरिक बिजली स्रोतों पर दबाव भी कम करना चाहती है।
बजट में बिजली क्षेत्र से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गई हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत राज्य की सभी पंचायतों में 12 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रात के समय सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ेंगी। भागलपुर के पीरपैंती में प्रस्तावित ताप विद्युत संयंत्र को वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना के तहत 8.55 लाख कृषि पंप सेटों को सितंबर 2026 तक बिजली कनेक्शन देने की घोषणा की गई है, जिससे किसानों को सिंचाई में बड़ी राहत मिलेगी। राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 220 लाख से अधिक हो चुकी है और 83 लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। वहीं विद्युत वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में भी सुधार हुआ है, जिनका मुनाफा 215 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,004 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
कुल मिलाकर, गरीब परिवारों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने की यह योजना न सिर्फ बिजली बिल से मुक्ति दिलाएगी, बल्कि बिहार को हरित ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। सरकार का मानना है कि यह कदम सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण—तीनों लक्ष्यों को एक साथ साधने वाला साबित होगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *